कुछ करे आप
ऐसी कोई मजबूुरी नहीं
आप जानते हो इन्हें
ऐसा भी जरूरी नहीं
कौन हैं ये ???
हम सब की तरह इंसान हैं ?
या एक दम कोई अंजान हैं
है इंसान तो हैं
पर उनका कोई सम्मान नहीं
अपनी उनकी पहचान नहीं
एक जरिया हैं
सब कहने का
घुट के चुप चुप
सा रहने का
हम आप बड़े शौक़ीन हैं
रंगों से भरी हैं दुनिया अपनी
पर कभी क्या हमने सोचा हैं ?
क्या इनकी दुनिया भी रंगीन हैं ......


PAWANA TRIPATHI.
   

Comments

Popular posts from this blog

Me No Pause Me Play ▶️ - Book Review

She Paints

Underneath